Skin Disorders

Healthy Skin Begins with Natural Healing

Your skin reflects your overall health and internal balance. Skin disorders can arise due to hormonal imbalance, poor digestion, stress, allergies, or the accumulation of toxins in the body. At SRSDM Ayurveda, we focus on treating the root cause of skin conditions through authentic Ayurvedic therapies, herbal medicines, Panchakarma, and personalized diet & lifestyle guidance to promote naturally healthy and radiant skin.

Conditions We Treat

Kitibha Kushta (Psoriasis) एक दीर्घकालिक त्वचा विकार है, जिसमें त्वचा पर मोटे, सूखे, खुरदरे एवं पपड़ीदार चकत्ते दिखाई दे सकते हैं। आयुर्वेद में इसे दोषों के असंतुलन से संबंधित माना गया है। SRSDM® AYURVEDA में आयुर्वेदिक परामर्श, औषधि, पंचकर्म, आहार एवं जीवनशैली मार्गदर्शन के माध्यम से समग्र देखभाल प्रदान की जाती है.

Vicharchika (Eczema) में त्वचा पर खुजली, लालिमा, सूजन, रूखापन तथा पानी निकलने जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। आयुर्वेद में दोष संतुलन, रक्तशोधन, औषधि तथा उचित आहार-विहार के माध्यम से त्वचा स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है।

Yauvana Pidika (Acne) किशोरावस्था एवं युवावस्था में होने वाली सामान्य त्वचा समस्या है। इसमें चेहरे, पीठ या कंधों पर मुहाँसे, दाने तथा तैलीय त्वचा की शिकायत हो सकती है। आयुर्वेद में पित्त एवं कफ संतुलन, आहार सुधार तथा औषधि के माध्यम से समग्र उपचार प्रदान किया जाता है।

Dadru Kushta (Fungal Infection) में त्वचा पर गोलाकार लाल चकत्ते, खुजली एवं जलन हो सकती है। आयुर्वेद में दोष संतुलन, त्वचा शुद्धि, औषधि एवं स्वच्छ जीवनशैली के माध्यम से रोग प्रबंधन किया जाता है।

Shwitra (Vitiligo) में त्वचा पर सफेद धब्बे दिखाई देते हैं, जो मेलेनिन की कमी के कारण होते हैं। आयुर्वेद में इसे त्वचा एवं दोषों के असंतुलन से संबंधित माना गया है। रोगी की अवस्था के अनुसार आयुर्वेदिक परामर्श, औषधि एवं जीवनशैली मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।

Sheetapitta (Urticaria) में त्वचा पर अचानक खुजली, लाल चकत्ते एवं सूजन दिखाई दे सकती है। यह एलर्जी या अन्य कारणों से उत्पन्न हो सकता है। आयुर्वेद में दोष संतुलन, आहार सुधार एवं व्यक्तिगत उपचार योजना के माध्यम से समग्र देखभाल की जाती है।

Mukhadushika (Acne Scars) में मुहाँसों के ठीक होने के बाद चेहरे पर दाग-धब्बे या गड्ढे रह सकते हैं। आयुर्वेद में त्वचा पोषण, रक्तशोधन, औषधि तथा आवश्यकतानुसार विशेष उपचारों के माध्यम से त्वचा की गुणवत्ता सुधारने का प्रयास किया जाता है।

Vyanga (Pigmentation / Melasma) में चेहरे या शरीर के अन्य भागों पर काले या भूरे धब्बे दिखाई दे सकते हैं। आयुर्वेद में पित्त संतुलन, रक्तशोधन, औषधि एवं उचित त्वचा देखभाल के माध्यम से समग्र उपचार प्रदान किया जाता है।

Padadari (Cracked Heels) में एड़ियों का फटना, दर्द तथा रूखापन सामान्य लक्षण हैं। आयुर्वेद में स्नेहन, औषधि, उचित त्वचा देखभाल एवं पोषण के माध्यम से एड़ियों को स्वस्थ रखने का प्रयास किया जाता है।

Charmadala (Dry Skin Disorders) में त्वचा का अत्यधिक रूखापन, खुजली तथा परतें निकलना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। आयुर्वेद में वात संतुलन, स्नेहन, पौष्टिक आहार एवं आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से त्वचा को स्वस्थ एवं पोषित रखने पर ध्यान दिया जाता है।

When Should You Consult
an Ayurvedic Doctor?
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Radiant Skin
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Take the first step towards healthier skin with personalized Ayurvedic care designed to treat the root cause and support long-term skin wellness.